-डीयू विज्ञानियों ने कोरोना के चलते खानपान में हुए बदलाव का किया अध्ययन
-दिल्ली, मुंबई, बंगलुरू, कोलकाता के एक हजार लोगों पर किया गया सर्वे
-89 प्रतिशत से अधिक लोगों ने कहा- घर का खाना खाने लगे

देश कोरोना के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रहा है। कोरोना ने जीवन जीने के फलसफे पर गहरा असर डाला है। दिल्ली विश्वविद्यालय(भास्कराचार्य कालेज),मैक्स हेल्थकेयर, मेदांता समेत अमेरिका के बोस्टन स्थित टफ्ट विवि के विज्ञानियों ने कोरोना का खानपान और रहन सहन पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया। चार मेट्रो शहर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बंगलुरू के एक हजार लोगों पर सर्वे किया गया। कोरोना काल से पहले एवं कोरोना महामारी के दौरान खानपान और दैनिक जीवन में आए बदलाव का तुलनात्मक अध्ययन भी किया गया। लोगों ने यह माना कि कोरोना ने जीवनशैली पर गहरा असर डाला है। 89 प्रतिशत लोगों ने अब घर के खाने को प्राथमिकता देने की बात कही है। वहीं 85 प्रतिशत ने पहले के मुकाबले अब अधिक पोषण आहार खाने की बात कही। हालांकि सर्वे ज्यादा खाना खाने, दो खानों के बीच में ज्यादा स्नैक्स खाने सरीखी कई नकारात्मक बातें भी निकलकर सामने आयी।

इन पर हुआ अध्ययन
-दिल्ली, मुंबई, बंगलुरू, कोलकाता
-प्रत्येक शहर के 250 लोग सर्वे में शामिल।
-सभी से 34 सवाल पूछे गए।
-सर्वे में 50 प्रतिशत पुरुष, 50 प्रतिशत महिलाएं शामिल।

खान-पान में बदलाव पर क्या कहा
ओवर न्यूट्रिशंस बढ़ा—79 प्रतिशत
पोषाहार बढ़ा—85
घर का बना खाने लगे—89 प्रतिशत
कितना, क्या खाना है, तय करते हैं—74 प्रतिशत
हेल्दी रेसिपी इंटरनेट पर देखकर बनाते हैं—85 प्रतिशत
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नकारात्मक बदलाव भी दिखे
पहले के मुकाबले ज्यादा खाते हैं—69 प्रतिशत
खानों के बीच में स्नैक्स अधिक खाने लगे—67 प्रतिशत
खाने का आकार बढ़ा—72 प्रतिशत
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ओट्स अधिक खाने लगे लोग
कोरोना काल के दौरान ओटस खाना बढ़ा दिया—65 प्रतिशत लोगों ने

ओट्स खाने के पीछे कारण बताएं
स्वास्थ्य—41 प्रतिशत
पचने में आसान—41.8 प्रतिशत
प्रोटीन की मात्रा अधिक—40.1 प्रतिशत
फाइबर अधिक होता है—-39.3
वजन नियंत्रण में सहायक—38.4
इम्यूनिटी मजबूत—35.9 प्रतिशत
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कोरोना काल के दौरान मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए लोगों का योग की तरफ रुझान बढ़ा है। आइआइटी दिल्ली के अध्ययन में भी यह बात सामने आयी है। वहीं वर्तमान सर्वे में भी लोगों ने कहा कि योग, वॉकिंग आदि करते हैं।
योग–58 प्रतिशत
वॉकिंग—56
सांस संबंधी व्यायाम—52
ध्यान—43 प्रतिशत
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By open voice

श्रमजीवी पत्रकार। राजनीति, कला-संस्कृति,इतिहास में रूचि।

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