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चमगादड़ का मांस खाने वाले आवारा कुत्तों से फैली covid 19 महामारी
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चमगादड़ का मांस खाने वाले आवारा कुत्तों से फैली covid 19 महामारी 

एक अध्ययन में सामने आयी बात

COVID-19 महामारी की शुरूआत कैसे हुई? पूरी दुनिया इस सवाल का जवाब ढूंढने में लगी है। क्यों कि इसी सवाल के जवाब से कोरोना के खिलाफ जंग जीतने में भी मदद मिलने की संभावना है। इन सबके बीच एक शोध में यह बताया गया है कि कोरोना वायरस महामारी की शुरूआत आवारा कुत्तों द्वारा चमगादड़ का मीट खाने से हुई है। कनाडा के ओटावा विश्वविद्यालय के जीव विज्ञान के प्रोफेसर जुहुआ जिया ने सुझाव दिया है कि आवारा कुत्तों ने शायद इंटरमीडिएट की भूमिका निभाई है COVID-19  मनुष्यों में पहुंचाने में। सबसे संभावित मेजबान आवारा कुत्ते ही प्रतीत होते हैं। अध्ययन के अनुसार, नए कोरोना वायरस के पूर्वज व वर्तमान में वायरस के प्रसार का सूक्ष्मता से अध्ययन करने पर पता चलता है कि ये चमगादड़ में एवं फिर कुत्तों की आंतों को संक्रमित किए। लेकिन यहां से मनुष्यों तक पहुंचने के पहले ये विकसित हुए, एवं तदुपरांत मनुष्यों को संक्रमित किए।

https://en.wikipedia.org/wiki/Epidemic
CREDIT-GOOGLE


रिसर्च में जिक्र है कि मानव और स्तनधारी एक एंटीवायरल प्रोटीन के माध्यम से वायरस से लड़ सकते हैं, जो संक्रमण को रोकना बंद कर देता है। स बीच, DNA – CpG dinucleotides डीएनए-सीपीजी डायन्यूक्लियोटाइड्स रीजन – वायरस पर हमला करने के लिए immune system इम्यून सिस्टम को बताते हैं। लेकिन single-strand coronaviruses सिंगल स्ट्रेंड वाला कोरोना वायरस CpG को कम करके immune system सुरक्षा कवच से बच जाते हैं। प्रो ज़िया ने बीटा कोरोनवायरस के जीनोम का विश्लेषण किया और पाया कि (Sars-CoV-2) सरस-सीओवी -2 और इसके निकटतम – बैट कोरोनावायरस – में CpG की सबसे कम मात्रा है।
अध्ययन में कहा गया है कि इन्हीं वजहों से जंगली कुत्तों में निगरानी महत्वपूर्ण है। लेकिन कैंब्रिज विश्वविद्यालय के वेटरनरी मेडिसिन विभाग के प्रमुख प्रोफेसर जेम्स वुड इससे सहमत नहीं। कहते हैं, इसकी पुष्टि के लिए आंकड़े कम है, यह अनुमान ही ज्यादा लगता है। इसके समर्थन जैसा कुछ नहीं है। मुझे नहीं लगता कि किसी भी कुत्ते के मालिक को चिंतित होना चाहिए।
दुनिया भर में लगभग 20 लाख लोग वायरस से संक्रमित हैं। अध्ययन के निष्कर्ष ऑनलाइन आणविक जीवविज्ञान और विकास पत्रिका में प्रकाशित किए गए हैं। RSPCA के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कैरोलिन एलन ने भी इस पर कहा है कि यह ध्यान रखना वास्तव में महत्वपूर्ण है कि यह सिर्फ एक सिद्धांत है। “वर्तमान में कोई सबूत नहीं है कि कुत्ते इस वायरस की उत्पत्ति थे और कोई सबूत नहीं है कि वे COVID-19 के प्रसार में भूमिका निभा रहे हैं, जो मनुष्यों के बीच फैलने वाली बीमारी है। “यह सैद्धांतिक रूप से महत्वपूर्ण है कि लोग इस सैद्धांतिक पेपर या भ्रामक रिपोर्टों के आधार पर अपने पालतू जानवरों को न छोड़ें या आवारा कुत्तों को नुकसान न पहुंचाएं। क्योंकि इससे एनिमल वेलफेयर पर प्रभाव पड़ेगा।

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