दिल्लीवाली जुबान

ऋषि कपूर की बहुत सी फिल्मों की शूटिंग दिल्ली में हुई थी। लाइन प्रोडयूसर रवि सरीन कहते हैं कि वो तीन महीने पहले दिल्ली आए थे। अपनी फिल्म शर्मा जी नमकीन की शूटिंग के लिए। जिसे मैं ही देख रहा था। शूटिंग गाजियाबाद के कवि नगर, दिल्ली में पंजाबी बाग, विकासपुरी, राजौरी गार्डन में हुई थी। कुल 12 दिन ही शूटिंग को हुए थे कि जब ऋषि जी की तबियत खराब हो गई। इसलिए शूटिंग रोक देनी पड़ी थी। रवि कहते हैं कि वो खाने के बहुत शौकीन थे। रवि कहते हैं कि दिल्ली-6 फिल्म की शूटिंग के दौरान वो जमकर पुरानी दिल्ली के जायके खाते थे। हालांकि कुछ साल पहले जब कैंसर का इलाज कराकर आए तो बाहर का खाना बंद कर दिया था। सिर्फ बढ़िया रेस्टोरेंट या होटल का खाना खाते, जहां साफ सफाई हो। तभी तो जब शर्मा जी नमकीन की शूटिंग गाजियाबाद में चल रही थी तो मार्या शैरेटन होटल से उनका खाना मंगाया जाता। अगर शूटिंग पश्चिमी दिल्ली में होती तो रेडिसन ब्लू से मंगाया जाता। दो साल पहले राजमा चावल फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में ऋषि कपूर पूरा एक महीना पुरानी दिल्ली रहे। रवि बताते हैं कि मुख्य रोड पर कार से उतरकर वो बाइक या रिक्शा से लोकेशन तक पहुंचते। ये संकरी गलियां ऋषि कपूर को पसंद आती थी। चांदनी चौक निवासी गौरव कहते हैं कि उनकी जुबा बिल्कुल खालिस दिल्लीवालों की माफिक थी। वो कार से उतरते, किसी स्कूटी वाले को रोक लेते और कहते, चलियो, लोकेशन तक छोड़ दियो…क्या नजारा होता था। ऋषि कपूर स्कूटी पर, पीछे-पीछे सुरक्षाकर्मी दौड़ते। वो गलियों मं स्थित दुकानों पर लोगों से हाथ मिलाते, उनका हालचाल पूछते, फोटो खिंचवाते। 



वक्त के पाबंद थे
प्रोड्यूसर बिन्नी कहते हैं कि मैंने अपने करियर की दूसरी फिल्म आ अब लौट चले ऋषि कपूर के साथ की थी। वो इसके निर्देशक थे। फिल्म यहीं दिल्ली में शूट हुई थी। पहले दिन मैं उनसे मिला, बोला सर यह मेरी दूसरी फिल्म है। पहली फिल्म संजय कपूर की सिर्फ तुम थी। उन्होंने कहा कि मन लगाकर काम करना। वो चाहते थे कि यूनिट का सभी सदस्य जब तक सेट पर हों, तब तक समर्पित हो। एक बार अक्षय खन्ना को भी उन्होने बोल दिया था कि अक्षय जब सेट पर रहो तो पूरी तरह समर्पित रहो। बकौल बिन्नी इसके बाद हम कई दफा मिले। आखिरी मुलाकात सात महीने पहले दिल्ली एयरपोेर्ट पर हुई थी। वो मुंबई से आ रहे थे और मैं मुंबई के लिए फ्लाइट पकड़ने जा रहा था। मैंने उनसे कहा कि सर मैं, बिन्नी, आपकी फिल्म आ अब लौट चलें में संग काम किया था। इतना कहना भर था कि वो गले लगा लिए। बोले, अच्छा लगा देखकर बिन्नी। उसके बाद काफी देर तक बातें हुई। 

By open voice

श्रमजीवी पत्रकार। राजनीति, कला-संस्कृति,इतिहास में रूचि।

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