-इनका डेटा आधारित ग्राफ को देखने के बाद पता चलता है कि इटली और स्पेन में ये लगभग सही साबित हो रहे हैं।

पूरी दुनिया कोरोना से जूझ रही है। संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में पूरी दुनिया यही जानना चाह रही है कि आखिर ये कोरोना कब खत्म होगा। कब दुनिया सुकून की नींद सो पाएगी। कब खुले आसमान के नीचे लोग घूम फिर सकेंगे। तमाम आशंकाओं, चिंताओं के बीच सिंगापुर यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलाजी एंड डिजाइन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए कोरोना वायरस के खात्मे पर एक रिपोर्ट जारी की है। हालांकि यह रिपोर्ट पूरी तरह से रिसर्चरों के लिए है। लेकिन इसके जारी होने के बाद से ही इसकी खूब चर्चा हो रही है। इसका एक कारण, इसके डेटा का विभिन्न देशों में आए कोरोना के मामलों के बिल्कुल नजदीक होना भी है।



मई में खत्म होे जाएगा?
रिसर्च में कहा गया है कि कोविड-19 का विकास रैंडम नहीं है। अन्य महामारियों की तरह इसकी भी एक लाइफ साइकिल है। जो आउटब्रेक, वृद्धि, इंफ्लेक्शन, सुस्त होने की रफ्तार और आखिर में खत्म होने की प्रक्रिया से गुजरती है। इसमें लॉकडाउन समेत शारीरिक दूरी सरीखे विभिन्न कारक भी प्रभावी है, जो इसपर अंकुश लगाने के लिए उठाए जाते हैं। इन सभी के आधार पर डेटा के जरिए यह अनुमान लगाया गया है कि भारत में 22 मई को 97 फीसद खत्म होगा। उसके बाद 1 जून तक 99 फीसद एवं 22 जुलाई तक पूरी तरह से कोरोना खत्म हो जाएगा। बता दें कि भारत में इन दिनों कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए 3 मई तक लॉकडाउन लागू है।

डेटा से किया गया रिसर्च
सिंगापुर यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड डिजाइन (SUTD) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिये कोरोना वायरस के फैलने की रफ्तार का विश्लेषण किया है। यूनिवर्सिटी के मुताबिक ये डेटा मरीज के ठीक और संक्रमित होने पर आधारित हैं. ये विश्लेषण susceptible-infected-recovered (SIR) पर आधारित है। यूनिवर्सिटी ने लगभग उन सभी देशों पर डेटा के जरिए रिसर्च किया है जहां कोरोना का ज्यादा संक्रमण है। खास बात ये है कि इनके डेटा आधारित ग्राफ को देखने के बाद पता चलता है कि इटली और स्पेन में ये लगभग सही साबित हो रहे हैं। इन दोनों देशों में ये मई के पहले हफ्ते में खत्म हो सकता है। भारत के भी आंकड़ों को देखें तो एक्चुअल आंकड़ों के ाकाफी नजदीक दिखते है।


One thought on “सिंगापुर ने कहा, भारत में 21 मई तक कोरोना खत्म होगा”
  1. असम्भव लगता है
    अच्छा होगा और हम प्रार्थना करते है कि ऐसा ही हो

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *