प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के नाम संबोधन के बाद एक बड़ी खबर आ रही है। मोदी की अगुवाई में भारत ने पहली बार व्यापक पैमाने पर हाउस होल्ड सर्वे कराने का फैसला लिया है। इस सर्वे के जरिए भारत सरकार यह जानना चाहती है कि संक्रमण का प्रसार किस स्तर तक हुआ है और साथ ही संक्रमण रोकने के लिए किस तरह के कदम उठाए जाने की जरुरत है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद यानी आईसीएमआर की निगरानी में इसे अंजाम दिया जाएगा। भारतीय मीडिया ने इसे जनसंख्या आधारित सर्वे करार दिया है।

आईसीएमआर ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 69 जिलों में सर्वेक्षण कराया जाएगा। इन राज्यों में महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, असम और बिहार आदि शामिल हैं। कोरोना वायरस के मामलों के आधार पर वर्गीकृत जिलों में चार स्तर पर बंटे हुए 24,000 वयस्कों पर अध्ययन किया जाएगा। प्रत्येक जिले में, दस समूहों में 400 घरों में कोविद -19 एंटीबॉडी के लिए एक वयस्क व्यक्ति का परीक्षण किया जाएगा, जिसे “सीरो सर्वेक्षण” कहा जाता है। इस परिणाम से पता चलेगा कि क्या उन्होंने संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित की है? भले ही वे एसिंप्टोमैटिक है या हल्के लक्षण दिखते हैं। इस सर्वे से यह भी पता चल सकेगा कि भारत में कोरोना का कम्यूनिटी ट्रांसमिशन शुरू हुआ है या नहीं।

मामले बढ़ते जा रहे

दुनियाभर में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। 212 देशों में पिछले 24 घंटे में 85,272 नए कोरोना के मामले सामने आए और मरने वाले लोगों की संख्या में 5,319 का इजाफा हो गया। वर्ल्डोमीटर के मुताबिक, दुनियाभर में अब तक 43 लाख से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 2 लाख 92 हजार 450 लोगों की मौत भी हो चुकी है। वहीं 15 लाख 97 हजार 860 लोग संक्रमण मुक्त भी हुए हैं। दुनिया के करीब 73 फीसदी कोरोना के मामले सिर्फ दस देशों से आए हैं। इन देशों में कोरोना पीड़ितों की संख्या करीब 31 लाख है।

By open voice

श्रमजीवी पत्रकार। राजनीति, कला-संस्कृति,इतिहास में रूचि।

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